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समस्याओं का कारण ग्रह नहीं, हमारे कर्म हैं।

अपनी समस्याओं का दोष हमेशा ग्रहों, भाग्य या परिस्थितियों को देने के बजाय हमें अपने कर्मों और निर्णयों को देखना चाहिए।…

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माता-पिता के त्याग का एहसास

बचपन में माता-पिता हमारी अधिकांश जरूरतें पूरी करते हैं, इसलिए जीवन आसान लगता है। लेकिन जब हम बड़े होकर अपनी जरूरतों, शिक…

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सच्चा प्रेम स्वतंत्रता देता है

हम अक्सर किसी व्यक्ति को अपने पास बाँधकर रखना चाहते हैं, क्योंकि हमें उसे खोने का डर होता है। लेकिन सच्चा प्रेम बंधन नही…

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असली समस्या

भारत की अधिकांश समस्याएँ प्राकृतिक या ईश्वर द्वारा उत्पन्न नहीं हैं, बल्कि मनुष्य की सोच, राजनीति, व्यवहार और निर्णयों स…

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सोच का परिष्कार ही समाज का संस्कार है।

"चाहे कोई हमारी बात माने या न माने, हमारा उद्देश्य लोगों की सोच को परखते हुए उसे समझना और सुधारना है। हम ऐसी मानसिकता (M…

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योग्य जनप्रतिनिधि, सशक्त लोकतंत्र

जनप्रतिनिधियों की नियमित परीक्षा होने से योग्य और जिम्मेदार नेतृत्व को बढ़ावा मिलेगा तथा सरकारी व्यवस्था अधिक प्रभावी और…

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चैतन्य विचार, समृद्ध समाज

श्री चैतन्यराष्ट्र संघ एक ऐसा संगठन है जो ज्ञान, शिक्षा और विचारों के माध्यम से समाज के सभी लोगों के सर्वांगीण विकास का …

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निरीक्षण से विवेक और विवेक से स्थिर समझ

जितना अधिक हम किसी विषय को ध्यान से देखते और परखते हैं, उतनी ही हमारी समझ और विवेक परिपक्व होते हैं। परिपक्व विवेक ही सह…

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स्वयं को जानने की कला

जब कोई व्यक्ति बिना पक्षपात के अपने विचारों, भावनाओं और कर्मों को ईमानदारी से परखना शुरू करता है, तब उसे अपनी कमियों और …

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हमारा राष्ट्रीय प्रतीक ध्वज सूर्य 🌞

भारत की वास्तविक शक्ति मनुष्य की चेतना और मानसिक क्षमता में निहित है। सूर्य राष्ट्र का प्रतीक है जहाँ तक सूर्य का प्रकाश…

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आत्मपरीक्षण से प्रभावी नेतृत्व

क्या मैं तथ्य (सच्चाई) और मत (राय) में अंतर समझ पाता हूँ? क्या मैं अपनी मान्यताओं और धारणाओं की भी निष्पक्ष जाँच करता हू…

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प्रतिभा और परिश्रम की शक्ति

यदि किसी व्यक्ति के अंदर योग्यता (प्रतिभा) हो और वह पूरी लगन व दृढ़ संकल्प के साथ मेहनत करने को तैयार हो, तो उसके लिए को…

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