सुकून की तलाश

सुकून की तलाश
मनुष्य जीवन में सच्चे सुकून और शांति की तलाश में भटकता रहता है। कभी उसे लगता है कि किसी स्थान या व्यक्ति के पास पहुँचकर उसे शांति मिलेगी, लेकिन वहाँ पहुँचने पर भी बेचैनी बनी रहती है। मनुष्य की बेचैनी और सुख की तलाश लगातार चलती रहती है, क्योंकि वह जिस शांति को बाहर खोज रहा है, उसका वास्तविक आधार उसके अपने भीतर है।
सच्चा सुख केवल किसी मंज़िल या स्थान में नहीं, बल्कि मन की शांति में छिपा है। 🌸
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